धरती के सभी योनियों में मनुष्य योनि ऐसी है जो आने वाले कल की कल्पना ही नहीं करता बल्कि कल के बारे में बहुत कुछ पहले से जानता है और समझता है और शायद ही कोई अन्य जीव स्वयं के इस सच्चाई का भविष्य दृष्टा होगा कि मौत एक अंतिम सत्य है जिससे हर किसी को गुजरना ही है फिर भी मनुष्य के सारे कर्म इसी भाव से होता रहता है यह एकदम स्थाई है। और यही शायद माया है। आपा धापी चाहे जितनी ज्यादा होगी परंतु समय अपनी यात्रा में अनवरत गतिमान है।
1. ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों को विशेष प्रोत्साहन भत्ता या अधिक HRA दिया जाए, जबकि शहरी क्षेत्र में HRA कम रखा जाए। इस व्यवस्था से शिक्षक गाँव में रहने के लिए उत्साहित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। 2. गाँव में कार्यरत शिक्षकों को मुफ्त आवासीय सुविधा प्रदान की जाए। 3. शिक्षकों का ट्रांसफर प्रायारिटी के आधार पर उनके मनचाहा स्थान पर देने की कोशिश हो। और ट्रांसफर व्यवस्था लॉक ना हो यह हर साल होनी चाहिए। 4. शिक्षकों के बच्चों को सरकारी विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा की गारंटी दी जाए। 5. स्कूलों की गुणवत्ता और सुविधा में सुधार हेतु प्रत्येक विद्यालय को अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित क्लासरूम, पुस्तकालय और अन्य संसाधनों से लैस किया जाए। 6. सरकारी विद्यालयों के बच्चों के ड्रेस कोड निर्धारण की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन और प्रबंधन को सौंपी जाए, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार निर्णय लिया जा सके। 7. प्रत्येक विद्यालय में सफाईकर्मी की उपस्थिति विद्यालय समय में अनिवार्य हो तथा एक क्लर्क स्तर का संविदा कर्मचारी नियुक्त किया जाए, जिससे शिक्षक प्रशासनिक कार्यों से मुक्त होकर शि...
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